नई दिल्ली। देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद एक अमेरिकी मर्सिनरी सैनिक ने जेल के खाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा आतंकी मामले में पकड़े गए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने दिल्ली की अदालत का दरवाजा खटखटाया है। वैनडाइक का कहना है कि जेल में मिलने वाला भोजन अत्यधिक मसालेदार और तैलीय है, जिसे खाना उनके लिए मुमकिन नहीं है। ऐसे में उन्होंने मानवीय आधार पर जेल के भीतर अपने खर्च पर खुद खाना पकाने की अनुमति मांगी है।
एनआईए ने मैथ्यू एरॉन वैनडाइक और उनके साथ 6 यूक्रेनी नागरिकों को 13 मार्च को कोलकाता हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, ये सभी लोग भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद से वैनडाइक अप्रैल महीने से तिहाड़ जेल में बंद हैं। अमेरिकी नागरिक होने के कारण वे भारतीय जेलों में मिलने वाले पारंपरिक खान-पान के अभ्यस्त नहीं हैं।
जेल का खाना मसालेदार और डीप-फ्राइड
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष दायर अपनी याचिका में वैनडाइक ने बताया कि वे 6 मई 2026 से भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं। इसका कारण जेल में मिलने वाला मसालेदार, ज्यादा तेल वाला और डीप-फ्राइड भोजन है। उनके वकील के माध्यम से अदालत को बताया गया कि इस खान-पान की वजह से उन्हें गंभीर शारीरिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं और उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही है।
लंबे समय से सही पोषण न मिलने और भूख हड़ताल के कारण उनका वजन करीब 14 किलो तक कम हो गया है। शारीरिक कमजोरी इतनी बढ़ गई है कि उनकी आंखों की रोशनी पर असर पड़ रहा है, और उनकी ताकत, स्टैमिना के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहद कम हो गई है।
कैदी ने अपने पास खाने की चीजें रखने की अनुमति मांगी
अपनी याचिका में अमेरिकी कैदी ने अदालत से मांग की है कि उन्हें जेल के भीतर ही अपने खर्च पर भोजन सामग्री, बर्तन और रसोई जैसी बुनियादी सुविधाएं जुटाने की अनुमति दी जाए। वैनडाइक ने अदालत को उन चीजों की सूची भी सौंपी है जिन्हें वे अपने पास रखने की इजाजत चाहते हैं। इस सूची में दाल, रेड मीट, चिकन, मछली (झींगा), पास्ता, बिना पके नूडल्स, चावल, आलू, प्याज, बीन्स, हल्के मसाले, ब्रेड, मक्खन, ऑलिव ऑयल, टोन्ड मिल्क, सोया मिल्क और पैकेज्ड पीने का पानी शामिल है। इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब तलब किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है।