इंदौर। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के दौरान रविवार को जिला प्रशासन और पुलिस की सक्रियता कई परीक्षार्थियों के लिए राहत का कारण बनी। जिले में बनाए गए 57 परीक्षा केंद्रों पर 23 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान कुछ स्थानों पर सामने आई समस्याओं का अधिकारियों ने मौके पर समाधान भी किया।
एसजीएसआईटीएस परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा को आधार कार्ड साथ नहीं होने के कारण प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। केंद्रों का निरीक्षण कर रहे कलेक्टर शिवम वर्मा की नजर जब रोती हुई छात्रा पर पड़ी तो उन्होंने कारण पूछा। जानकारी मिलने पर उन्होंने केंद्र प्रबंधन को बुलाकर नाराजगी जताई और कहा कि जब केंद्र पर आधार कार्ड की प्रति निकालने तथा उसकी पुष्टि की सुविधा उपलब्ध है तो छात्रा को परीक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यह छात्रा के पूरे वर्ष के परिश्रम का प्रश्न है। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद छात्रा को तत्काल परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया।
समय पर परीक्षार्थियों को पहुंचाया
परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने सिटी बसों की विशेष व्यवस्था की थी। इसका लाभ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को मिला। पिछले एक सप्ताह से कलेक्टर शिवम वर्मा और पुलिस प्रशासन लगातार परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे, जिससे परीक्षा दिवस पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। यातायात पुलिस ने भी कई स्थानों पर जरूरतमंद परीक्षार्थियों की सहायता की। सरवटे बस स्टैंड पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) नरेश बाबू अन्नोटिया को जानकारी मिली कि एक छात्र अपने पिता के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचने में देरी का सामना कर रहा है। इसके बाद उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी से छात्र को कृषि कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया, जिससे वह समय पर परीक्षा में शामिल हो सका। सरवटे बस स्टैंड स्थित सहायता केंद्र पर भी एक परीक्षार्थी मदद के लिए पहुंचा, जिसका परीक्षा केंद्र सिमरोल में था। सहायता केंद्र की टीम ने तत्काल व्यवस्था कर उसे बिना विलंब परीक्षा केंद्र के लिए रवाना किया। समय रहते पहुंचने से वह भी परीक्षा में शामिल हो पाया।
परीक्षार्थियों की सुविधा का ध्यान रखा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की और जहां किसी प्रकार की कमी या समस्या सामने आई, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी परीक्षार्थी को असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप बनी रहना जरूरी है। कलेक्टर ने केंद्र प्रभारियों को परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार नजर रखने और सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।