मुंबई में मराठी साइन बोर्ड अनिवार्य, बीएमसी ने दिया एक महीने का समय

नियम नहीं मानने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, निरीक्षण अभियान की तैयारी

    मुंबई। अब सभी दुकानों, होटलों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए मराठी भाषा में साइन बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहरभर के कारोबारियों और संस्थानों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि एक महीने के भीतर मराठी भाषा में साइन बोर्ड लगाना सुनिश्चित करें, अन्यथा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
    यह फैसला महाराष्ट्र सरकार के लगातार दिए जा रहे निर्देशों के बाद लिया गया है। राज्य सरकार सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थानों पर मराठी भाषा को प्रमुखता देने के अभियान को आगे बढ़ा रही है। प्रशासन का कहना है कि मराठी राज्य की पहचान और संस्कृति से जुड़ी भाषा है, इसलिए उसका प्रमुख रूप से दिखाई देना जरूरी है।

बड़े अक्षरों में बोर्ड लिखे जाएं
     बीएमसी के आदेश के अनुसार सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों को अपना नाम देवनागरी लिपि में मराठी भाषा में लिखना होगा। अधिकारियों ने साफ किया है कि मराठी में लिखे गए अक्षर अन्य भाषाओं में लिखे गए नामों के बराबर या उनसे बड़े होने चाहिए, ताकि वे स्पष्ट रूप से नज़र आएं। यह नियम केवल छोटी दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में भोजनालय, होटल, बड़े व्यापारिक कार्यालय, खुदरा बिक्री केंद्र और सभी प्रकार के व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल किए गए हैं। मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाने वालों पर भारी जुर्माना लगाने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

एक महीने बाद शुरू होगा अभियान
    बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि तय समय सीमा पूरी होने के बाद पूरे शहर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान उन प्रतिष्ठानों की पहचान की जाएगी जिन्होंने अब तक मराठी साइन बोर्ड नहीं लगाए हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिवसेना नेताओं की सख्त चेतावनी
     इस बीच मुंबई के उपमहापौर संजय घाड़ी ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि शहर के पांच सितारा होटलों, प्रसिद्ध लोगों के स्वामित्व वाले प्रतिष्ठानों और अन्य व्यावसायिक केंद्रों को भी एक महीने के भीतर मराठी साइन बोर्ड लगाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो शिवसेना अपनी शैली में जवाब देगी।
     उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना से जुड़े संजय घाड़ी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मराठी भाषा में साइन बोर्ड लगाना अनिवार्य है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शिव सैनिक भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। संजय घाड़ी के मुताबिक मुंबई में करीब नौ लाख दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान हैं, जिनमें से अभी तक पांच हजार बीस स्थानों पर मराठी साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। प्रशासन अब इन सभी प्रतिष्ठानों को नियमों के दायरे में लाने की तैयारी कर रहा है।

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