कानपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा के युवा अधिकारी सुरेंद्र कुमार दास की आत्महत्या की घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया था। वर्ष 2012 बैच के अधिकारी सुरेंद्र दास कानपुर में पुलिस अधीक्षक नगर के पद पर तैनात थे। बताया गया कि उन्होंने पारिवारिक तनाव से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया था। कई दिनों तक अस्पताल में जीवन और मृत्यु से संघर्ष करने के बाद उनका निधन हो गया।
जांच में सामने आया कि वह लंबे समय से मानसिक दबाव में थे। पुलिस को उनके द्वारा लिखा गया एक पत्र भी मिला, जिसमें उन्होंने घर में रोज होने वाले विवादों से परेशान होने की बात कही थी। उन्होंने अपनी मां के लिए भावुक शब्द लिखते हुए माफी मांगी थी। पत्नी के नाम भी उन्होंने संदेश छोड़ा था कि उनकी मृत्यु के बाद किसी को परेशान न किया जाए।
मां को रखना, पत्नी को मंजूर नहीं
सुरेंद्र दास अपनी मां को अपने साथ रखना चाहते थे, लेकिन इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होता था। घटना वाली रात भी दोनों के बीच तीखी कहासुनी हुई थी। बताया गया कि परिवार के कुछ सदस्य भी वहां पहुंचे थे। देर रात स्थिति शांत हुई, लेकिन सुबह उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने जहरीला पदार्थ पहले से मंगवाया था। घर में चूहों और सांपों की समस्या बताकर उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों से सल्फास मंगवाई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनके दोनों मोबाइल क्षतिग्रस्त मिले थे और मामले की गहराई से जांच की गई। फोरेंसिक जांच के लिए पत्र और अन्य सामग्री भी भेजी गई थी।
बेहद गरीब परिवार के अधिकारी
सुरेंद्र दास बेहद साधारण परिवार से थे। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर उन्होंने देश की प्रतिष्ठित सेवा में स्थान हासिल किया था। परिवार के लोगों के अनुसार उनकी मां ने अभावों में रहकर बेटे को पढ़ाया, जबकि भाई ने मजदूरी कर उनकी पढ़ाई में मदद की। यही कारण था कि वह अपनी मां को अपने साथ रखना चाहते थे। उनकी शादी वर्ष 2017 में डॉ रवीना सिंह से हुई थी। बताया गया कि शादी के बाद से ही दोनों के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद बने रहते थे।