मोनालिसा-फरमान विवाह मामला, मानवाधिकार आयोग सख्त, उम्र की होगी प्रामाणिक जाँच!

खरगोन। प्रयागराज कुंभ में रुद्राक्ष बेचने वाली ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा भोंसले और फरमान की शादी अब कानूनी पेचीदगियों में फंस गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मोनालिसा के नाबालिग होने की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस मामले में उम्र की सत्यता का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच के आदेश दिए हैं।

जाँच के घेरे में आयु और दस्तावेज
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने खरगोन एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मोनालिसा की आयु से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की जाए। शिकायत में यह अंदेशा जताया गया है कि उम्र से संबंधित कागजातों में हेरफेर की गई हो सकती है। अब इस जोड़े को अपनी शादी की वैधता साबित करने के लिए ठोस उम्र प्रमाण पत्र और दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

दो राज्यों के बीच तालमेल के निर्देश
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि केरल प्रशासन को भी जाँच प्रक्रिया में शामिल किया है। आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) को निर्देश दिया है कि वे आपस में समन्वय स्थापित कर मामले की निष्पक्ष पड़ताल सुनिश्चित करें।

परिवार और समाज ने उठाए थे गंभीर सवाल
मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले, माता लता भोंसले और ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ (संशोधित नाम) के निर्देशक सनोज मिश्रा ने पहले ही मीडिया के सामने मोनालिसा के नाबालिग होने का दावा किया था। परिवार और समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि फरमान ने कथित तौर पर पहचान छिपाकर या धोखे से यह विवाह किया है।

जाँच के मुख्य बिंदु:

  • दस्तावेजों की सत्यता : क्या शैक्षणिक या जन्म प्रमाण पत्रों के साथ कोई छेड़छाड़ हुई है?
  • विवाह की सहमति : क्या यह शादी बिना किसी दबाव या प्रलोभन के हुई है?
  • धोखाधड़ी के आरोप : क्या विवाह के दौरान पहचान छिपाने जैसे तथ्यों का सहारा लिया गया?
    खरगोन एसपी रविंद्र वर्मा को सौंपी गई इस जाँच की रिपोर्ट के आधार पर ही अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।

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