भारत के सेमीफाइनल में आने की राह मजबूत!
चेन्नई। यहां के एमए चिदंबरम स्टेडियम पर खेले गए सुपर-8 मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रनों से हराकर सेमीफाइनल की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा दिए। अब टीम इंडिया की अगली भिड़ंत 1 मार्च को वेस्टइंडीज से होगी। इस जीत के साथ भारत का मनोबल चरम पर है, जबकि जिम्बाब्वे टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।

256 रन: 18 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे को भारतीय बल्लेबाजों ने करारा जवाब दिया। भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 256 रन ठोक दिए जो टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में उसका सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ 218/4 का स्कोर सर्वोत्तम था, उसी मैच में युवराज सिंह ने छह छक्कों का ऐतिहासिक कारनामा किया था। पूरे 18 साल बाद वह रिकॉर्ड टूट गया।
भारत श्रीलंका के 2007 में केन्या के खिलाफ बनाए गए 260 रनों के विश्व रिकॉर्ड से महज 5 रन दूर रह गया। लेकिन, 256 रनों के साथ वह अब टूर्नामेंट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बन चुका है।
अभिषेक-हार्दिक का धमाका
भारतीय पारी की नींव अभिषेक शर्मा (55) और हार्दिक पांड्या (50) की नाबाद आक्रामक अर्धशतकीय पारियों ने रखी। अंत में तिलक वर्मा ने नाबाद 44 रन बनाकर स्कोर को 250 के पार पहुंचाया। पूरी पारी में 17 छक्के लगे जो टी20 वर्ल्ड कप की एक पारी में भारत का नया रिकॉर्ड है। भारत की आक्रामकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक ही पारी में 6 बल्लेबाजों ने 150 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 20+ रन बनाए। साथ ही, पूरी पारी में केवल 26 डॉट बॉल खेली गईं, जो टूर्नामेंट इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे कम हैं।
ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी बेअसर
256 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। उनके लिए ब्रायन बेनेट ने 97 रनों की नाबाद पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
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