
हाई कोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग, जिम्मेदारों पर एक्शन हो और मृतकों को एक-एक करोड़ मुआवजे दें
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई 21 मौतों के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार और नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर में ‘न्याय यात्रा‘ निकाली। इस यात्रा के जरिए कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग के साथ अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया
इस न्याय यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सज्जन सिंह वर्मा, मीनाक्षी नटराजन,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, हरीश चौधरी सहित प्रदेशभर से आए विधायक और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के पहुंचने के इंतजार में कुछ समय के लिए यात्रा भी रुकी रही।
न्याय यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने भागीरथपुरा मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए। उन्होंने दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों और नेताओं की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।

मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की भी है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने हिंदू महा सम्मेलन के आयोजन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस घटना में हिंदू परिवारों ने अपने लोगों को खोया है, ऐसे समय में इस तरह के आयोजन टाले जा सकते थे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दावा किया कि यात्रा में केवल कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं,बल्कि बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए। बड़ा गणपति से शुरू हुई मौन रैली राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्या प्रतिमा पर समाप्त हुई।
यात्रा में आगे कांग्रेस सेवादल, महिला कांग्रेस,उसके बाद प्रदेश नेतृत्व और अंत में शहर कांग्रेस के कार्यकर्ता चल रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने सरकार और नगर निगम पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए मृतकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने तथा मंत्री और महापौर से इस्तीफे की मांग की।