MP में सांप के काटने से 2500 लोगों की मौत, सरकार ने आपदा की घोषणा करी

MP में सांप के काटने से 2500 लोगों की मौत, सरकार ने आपदा की घोषणा करी

Snake Bite in Mp

Snake Bite in Mp, 14 जून 2025: मध्य प्रदेश सरकार ने सर्पदंश (Snake Bite) की लगातार बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए इसे अब आधिकारिक रूप से प्राकृतिक आपदा घोषित कर दिया है। राज्य में बीते साल सर्पदंश की वजह से लगभग 2500 लोगों की जान चली गई थी। इसी के मद्देनज़र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्यभर में जन-जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाने की घोषणा की है।

Snake Bite in Mp: मानसून में बढ़ जाता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान सांप अपने प्राकृतिक ठिकानों से निकलकर इंसानी बस्तियों की तरफ आ जाते हैं। इस समय उनकी गतिविधियां बढ़ जाती हैं और इसी दौरान सर्पदंश की घटनाओं में भी तेज़ी आती है। बीते साल सर्पदंश के कारण मौत का आंकड़ा लगभग ढाई हजार तक पहुंच गया, जिससे राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई है।

सरकार अब गांव से लेकर शहरों तक जन-जागरूकता अभियान चलाएगी। स्कूलों और कॉलेजों में भी बच्चों और युवाओं को सर्पदंश से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। प्राथमिक चिकित्सा, सांपों की पहचान, और सर्पदंश के बाद क्या करें—इन सभी विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

हर पंचायत में होगी ट्रेनिंग, ‘सर्प मित्र’ तैनात

सरकार की योजना के तहत हर पंचायत और वार्ड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें पंचायत सदस्य, आपदा मित्र वॉलंटियर, सिविल डिफेंस कर्मचारी और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण मिलेगा। इन कार्यक्रमों में सांपों की प्रजातियों की पहचान, सर्पदंश के प्राथमिक उपचार और प्रबंधन पर जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, प्रशिक्षित स्नेक कैचर्स और ‘सर्प मित्रों’ की भी नियुक्ति की जाएगी, जो ज़रूरत पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर मदद कर सकें।

कृषि विभाग की ओर से हर गांव में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर नुक्कड़ नाटक, पंपलेट, ऑडियो-विजुअल सामग्री और मोबाइल वैन के ज़रिए भी जानकारी दी जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक सरल भाषा में संदेश पहुंचे।

Snake Bite in Mp: हेल्पलाइन नंबर भी होंगे जारी

सर्पदंश के मामलों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए पंचायत और वार्ड स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे।

राज्य सरकार ने जनता से अपील की है कि वे मानसून के दौरान विशेष सतर्कता बरतें और सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के अनुसार प्राथमिक उपचार करें और हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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