
नई दिल्ली। अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान हम टोल प्लाजा पर टैक्स चुकाते हैं और रसीद मिलते ही उसे डैशबोर्ड पर डाल देते हैं या खिड़की से बाहर फेंक देते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि टोल रसीद आपकी सुरक्षा का बड़ा कवच होती है? यह केवल टैक्स भुगतान का प्रमाण नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं का ‘पास’ भी है। इसलिए टोल की रसीद को तब तक संभाल कर रखें, जब तक आप हाईवे से सुरक्षित बाहर न निकल जाएं।
10 मिनट में हाजिर होगा मैकेनिक
अगर सफर के दौरान गाड़ी में खराबी आ जाए, तो टोल रसीद के पीछे दिए गए नंबर पर कॉल करते ही NHAI की रिकवरी टीम सक्रिय हो जाती है। नियमों के अनुसार 10 मिनट के भीतर मैकेनिक या क्रेन सहायता के लिए पहुंच सकती है।
ईंधन खत्म होने पर नहीं होगी चिंता
सुनसान हाईवे पर यदि पेट्रोल या डीजल खत्म हो जाए, तो टोल हेल्पलाइन के जरिए 5 से 10 लीटर तक ईंधन मंगवाया जा सकता है (कीमत देनी होगी)।
मेडिकल इमरजेंसी, एम्बुलेंस की तुरंत सुविधा
किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने या दुर्घटना होने पर टोल रसीद पर दिया नंबर जीवन रक्षक साबित हो सकता है। कॉल के 10 मिनट के भीतर एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाती है।
फास्टैग यूजर्स के लिए डिजिटल विकल्प
फास्टैग उपयोगकर्ताओं को कागजी रसीद नहीं मिलती, लेकिन उनकी डिजिटल रसीद मोबाइल पर उपलब्ध होती है। वे सीधे हाईवे हेल्पलाइन 1033 पर कॉल कर सभी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।
जागरूक बनें, सफर सुरक्षित बनाएं
NHAI की ये सुविधाएं टोल टैक्स में ही शामिल होती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि हाईवे पर निकलते समय 1033 नंबर फोन में सेव रखें।