बीपीसीएल से 129 करोड़ का पेट्रोल-डीजल उड़ा लिया, सात लोगों पर केस दर्ज!

इंदौर। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के साथ 129 करोड़ 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। पुलिस ने पेमेंट गेटवे प्लेटफॉर्म की साइट हैक कर स्कैम करने का अंदेशा जताया है। पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले सात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली। यह घोटाला देश के कई शहरों में हुआ।

पेमेंट गेटवे सुविधा का गलत फायदा उठाया
पुलिस के अनुसार बीपीसीएल ने 17 दिसंबर 2021 से फ्लीट, कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए बीपीसीएल के लॉयल्टी एप्लिकेशन के माध्यम से पेमेंट गेटवे सुविधा लागू की थी। कंपनी द्वारा फ्लीट खाता बनाया जाता है, जिसमें ग्राहक वालेट को नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट, डेबिट कार्ड और पेमेंट गेटवे इंटरफेस मोड के माध्यम से राशि के लिए रिचार्ज करवा सकता है। बीपीसीएल लॉयल्टी एप रिचार्ज के लिए रेजरपे गेटवे और पाइन लैब्स पेमेंट गेटवे के साथ एकीकृत है। रेजरपे संबंधित राशि को बीपीसीएल के खाते में ट्रांसफर करता है। ग्राहक रिचार्ज करवाने के बाद पूरे देश में बीपीसीएल के स्टेशन पर ईंधन खरीदने के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

इन लोगों ने BPCL को चूना लगाया
मांगलिया पुलिस चौकी प्रभारी एसआई विश्वजीत सिंह तोमर के अनुसार रीजनल मैनेजर (रिटेल) विक्रांत हाठे की शिकायत पर विशाल सिंह (एक्जोटिका शालीमार), शशि सिंह (एक्जोटिका शालीमार), दलवीर सिंह (स्कीम-114), बलजिंदर सिंह (स्कीम-114), वाहिद खान (विजय पैलेस कॉलोनी), नरेंद्र सिंह वासू (खातीवाला टैंक) और बलबीर सिंह निवासी अंबिकापुरी के खिलाफ केस दर्ज किया है।

घोटाले की जानकारी ऐसे लगी
रेजरपे की जोखिम मूल्यांकन टीम ने 31 मार्च 2023 को बीपीसीएल को बताया कि लॉयल्टी एप और रेजरपे गेटवे सिस्टम के बीच संदिग्ध रिचार्ज हुए हैं। बीपीसीएल ने ग्राहकों का डेटा खंगाला और विश्लेषण कर बताया कि 1093 ग्राहकों के वॉलेट में बिना राशि प्राप्त किए ही 129 करोड़ रुपये का रिचार्ज किया गया

भुगतान न करने वाले 7 ग्राहक इंदौर के
कंपनी ने सभी ग्राहकों के खातों को ब्लॉक किया और सूचना भेजी। कुछ से तो खातों में जमा राशि वापस ले ली गई। जांच के दौरान सात ग्राहक इंदौर के पाए गए। कंपनी ने साख बचाने के लिए उनसे भी संपर्क किया और ईंधन खरीदी की राशि लौटाने का आग्रह किया। उन्हें बताया कि उनके स्मार्ट फ्लीट खाते वालेट गलत रिचार्ज हुए हैं। मामले की शिप्रा पुलिस को शिकायत की गई। एसआई ने जांच की और मंगलवार को सात ग्राहकों के खिलाफ केस दर्ज किया।

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