नीमच के आंगनवाड़ी केंद्र के बाहर खेल रहे 20 मासूम बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया।

नीमच जिले के मड़ावदा ग्राम पंचायत के रानापुर गांव

नीमच जिला के म मड़ावदा ग्राम पंचयत के राणापुर गांव से आय यह खबर इंसानीयत और सिस्टम दोनों पर सवाल खड़ा करती है २ फरवरी को आंगनवाड़ी सहयका कंचन बाई बच्चो को खाना खिलाने हैंडपंप पर पानी पिलाने ले गई थी

उसी दौरान पास के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते से अचानक हमला हो गया देखते ही देखते बच्चे चीखने लगे और अफरा तफरी मच गई। हालत की गंभीर ता को समझतर हुए कंचन बाई ने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चो को बच्चों को बचाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी साड़ी उतार कर बच्चों को ढकना शुरू किया और उन्हें सुरक्षित स्थान की और भगाया। जब मधुमक्खियों का हमला और तेज हो गया चन बाई बच्चों को ग्राम पंचयत के राणापुर गांव आंगनवाड़ी भवन के अंदर ले गईं

और दरियों व चटाइयों से उन्हें ढककर सुरक्षित किया। इस दौरान मधुमक्खियों के हमले में कंचन बाई बुरी तरह घायल हो गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन 25 मासूम बच्चों की जान बच गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में डर और मातम का माहौल है।

आंगनवाड़ी केंद्र पर ताला लटक रहा है और गांव का एकमात्र हैंडपंप वहीं होने के कारण लोग पानी भरने से भी डर रहे हैं। बच्चे इतने सहमे हुए हैं कि स्कूल का नाम सुनते ही रोने लगते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के वक्त कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा

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