कुक्षी (Dhar)। धार जिले के कुक्षी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम तलवाड़ी और खेड़ली में बुधवार को सीमेंट कंपनी के लिए चूना पत्थर (लाइम स्टोन) सर्वे को लेकर स्थिति विस्फोटक हो गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों का आक्रोश इस कदर भड़का कि टीम को ड्रिलिंग मशीनें और वाहन छोड़कर मौके से भागना पड़ा। इस हिंसक झड़प में पथराव के कारण राजस्व और पुलिस विभाग के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

भारी पुलिस बल भी पड़ा कम
प्रशासन को विरोध का अंदेशा पहले से था, यही कारण था कि 8 थानों का पुलिस बल और प्रशासनिक अमला सुरक्षा घेरा बनाकर ड्रिलिंग कार्य शुरू कराने पहुँचा था। जैसे ही खेत में ड्रिलिंग मशीन खड़ी की गई, आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं पारंपरिक हथियारों के साथ सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने न केवल रास्ता जाम किया, बल्कि अधिकारियों की गाड़ियों को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी जान बचाकर भागते नजर आ रहे हैं।
बिना ग्रामसभा अनुमति के कार्य का आरोप
ग्रामीणों और आदिवासी संगठन ‘जयस’ (JAYS) का स्पष्ट आरोप है कि प्रशासन संवैधानिक नियमों की अनदेखी कर रहा है। विरोध स्थल पर पहुँचे जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने कहा: ”जब कलेक्टर ने पूर्व में आश्वासन दिया था कि बिना जन-सहमति और ग्रामसभा की अनुमति के कोई कार्य नहीं होगा, तो फिर पुलिस बल के दम पर ड्रिलिंग की कोशिश क्यों की गई? यह जल-जंगल-जमीन की लड़ाई है जिसे हम कानून के दायरे में लड़ेंगे।”
घंटों चला हंगामा, खाली हाथ लौटी टीम
विवाद बढ़ता देख राजस्थान की श्री सीमेंट कंपनी के कर्मचारी और सर्वे टीम मशीनें मौके पर ही छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले। कई घंटों तक चली गहमागहमी और पथराव के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा। भारी विरोध के चलते अंततः पूरी टीम को ग्राम खेड़ली से बिना सर्वे किए खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
प्रशासन का पक्ष, शांति बनाए रखने की अपील
इस पूरे घटनाक्रम पर कुक्षी एसडीएम प्रमोद गुर्जर ने बताया कि कंपनी द्वारा नियमानुसार सैंपलिंग का कार्य किया जा रहा था। उन्होंने कहा ग्रामीणों को समझाइश दी गई है और उन्हें अपनी आपत्तियां लिखित में दर्ज कराने को कहा गया है।
प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, केवल वाहनों को नुकसान पहुँचा है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस ने स्थिति पर नजर रखी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन निजी कंपनी को नहीं सौंपेंगे।
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