इंदौर। शहरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इंदौर मेट्रो के 11 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक का काम लगभग पूरा हो चुका है और इस महीने से इसके विस्तार की पूरी संभावना है। विशेष बात यह है कि संभवतः देश में पहली बार इतनी लंबाई के ट्रैक पर एक साथ मेट्रो परिचालन की शुरुआत होने जा रही है।

सुरक्षा जांच के लिए आएगी CMRS की टीम
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, इसी सप्ताह रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम सिक्योरिटी ऑडिट के लिए इंदौर पहुंच सकती है। विभाग ने अपनी ओर से तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। हालांकि स्टेशनों पर अभी फिनिशिंग का कुछ काम बाकी है, जिसे परिचालन शुरू होने से पहले ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों की कोशिश है कि मार्च के अंत तक कमर्शियल रन शुरू कर दिया जाए, लेकिन यदि ऑडिट में देरी हुई, तो यह अप्रैल तक जा सकता है।

सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक का सफर होगा आसान
वर्तमान में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 के बीच करीब 6 किमी के हिस्से में मेट्रो चल रही है। अब रेडिसन स्टेशन तक 11 किमी का अतिरिक्त हिस्सा जुड़ जाने से कुल 17 किलोमीटर का ट्रैक सक्रिय हो जाएगा।
- तैयारी का स्तर: ट्रैक और थर्ड रेल (पावर लाइन) का काम शत-प्रतिशत पूरा है।
- दिन-रात काम: स्टेशनों पर पेंटिंग और सजावट का काम 24 घंटे शिफ्ट में चल रहा है।
– अगला कदम: जूनियर टीम की रिपोर्ट के बाद मुख्य CMRS दौरा करेंगे और हरी झंडी मिलते ही आम जनता के लिए इसे खोल दिया जाएगा।
एक नजर में ‘येलो लाइन’
इंदौर मेट्रो की यह पूरी येलो लाइन भविष्य में 31 से 33 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें कुल 28-29 स्टेशन प्रस्तावित हैं। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर का पहला चरण मई 2025 में ही शुरू हो चुका है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कुल लागत 12,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
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