नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। इस दस्तावेज़ में शासन, पहचान, स्वास्थ्य समेत कुल 11 प्रमुख क्षेत्रों को केंद्र में रखा गया है। घोषणा पत्र जारी करने के दौरान असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
इन मुद्दों पर विशेष ध्यान
घोषणा पत्र में जिन क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई है, उनमें सुशासन, सांस्कृतिक पहचान, स्वास्थ्य सेवाएं, आधारभूत ढांचा, उद्योग, खेती, ग्रामीण और शहरी विकास, जलवायु बदलाव और सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं। इससे पहले 29 मार्च को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में ‘पांच गारंटी’ भी पेश की गई थीं।
इन गारंटियों के तहत महिलाओं को बिना शर्त 50 हजार रुपये तक का कर्ज, बुजुर्गों के लिए 1250 रुपये मासिक पेंशन, 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज, भूमि पुत्रों को मियादी पट्टा और कुछ चर्चित मामलों में 100 दिन के भीतर न्याय दिलाने का वादा किया गया है।
राहुल गांधी के प्रमुख बयान
घोषणा पत्र जारी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि असम विविधताओं से भरा प्रदेश है, जहां अलग-अलग समुदाय मिलकर रहते हैं। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा को जनभागीदारी पर आधारित बताते हुए कहा कि हर वर्ग को शासन में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि राज्य के फैसले स्थानीय स्तर पर लिए जाने चाहिए।
भाजपा और केंद्र पर निशाना
राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma पर तीखे आरोप लगाए। उनके मुताबिक भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।