नागौर में ईवी कार का पीयूसी चालान, नियमों पर सवाल, मामला कोर्ट तक पहुंचने की तैयारी!

बैटरी से चलने वाली गाड़ी पर 1500 रुपए का जुर्माना, काली फिल्म पर अलग से पेनल्टी

जयपुर। नागौर जिले में ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यहां एक इलेक्ट्रिक कार का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) नहीं होने पर 1500 रुपए का चालान काट दिया गया, जबकि नियमों के अनुसार बैटरी से चलने वाले वाहनों के लिए पीयूसी जरूरी नहीं होता। मामला तब और बढ़ गया जब कार की खिड़कियों पर काली फिल्म होने के चलते 200 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया। इस तरह वाहन चालक से कुल 1700 रुपए वसूल किए गए।

पुलिसवाला मानने को तैयार नहीं
बताया जा रहा है कि जोधपुर निवासी ने तीन महीने पहले यह इलेक्ट्रिक कार खरीदी थी। 6 अप्रैल को उनके बड़े भाई गाड़ी लेकर नागौर गए थे। मंडी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोककर चालान किया।
चालान के दौरान चालक ने पुलिसकर्मी को समझाने की कोशिश की कि इलेक्ट्रिक वाहनों में साइलेंसर नहीं होता और इसलिए पीयूसी की आवश्यकता भी नहीं होती। इसके बावजूद पुलिसकर्मी अपनी बात पर अड़ा रहा और मशीन में रिकॉर्ड न मिलने का हवाला देते हुए कार्रवाई कर दी।
इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है।

वाहन पर गलत कार्रवाई की
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार बैटरी चालित वाहनों के लिए पीयूसी अनिवार्य नहीं है। ऐसे में अब वाहन मालिक ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए कानूनी कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

Leave a Comment